अमरकान्त - साहित्य के एक सफल योद्धा
- Details
- Hits: 83

अपने लेखन में आम आदमी के संघर्ष को भाषा व अभिव्यक्ति देने वाले कथाकार अमरकांत के जीवन और उनकी उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष आर्टिकल । हाल ही में अमरकांत जी को इलाहाबाद में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में हिंदी के प्रख्यात आलोचक डॉ. नामवर सिंह ने अमरकांत को ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा। इस मौके पर ज्ञानपीठ से जुड़े पदाधिकारी भी मौजूद थे।
वर्तमान के सर्वश्रेष्ठ कथाकार - डा. नरेन्द्र कोहली
- Details
- Hits: 280

"कालजयी कथाकार एवं मनीषी डा. नरेन्द्र कोहली की गणना आधुनिक हिन्दी साहित्य के सर्वश्रेष्ठ रचनाकारों में होती है. कोहली जी ने साहित्य के सभी प्रमुख विधाओं (यथा उपन्यास, व्यंग, नाटक, कहानी) एवं गौण विधाओं (यथा संस्मरण, निबंध, पत्र आदि) और आलोचनात्मक साहित्य में अपनी लेखनी चलाई. उन्होंने शताधिक श्रेष्ठ ग्रंथों का सृजन किया है। हिन्दी साहित्य में 'महाकाव्यात्मक उपन्यास' की विधा को प्रारंभ करने का श्रेय नरेंद्र कोहली को ही जाता है।
हमेशा याद रहेंगे - श्रीलाल शुक्ल
- Details
- Hits: 184

हिंदी साहित्य को राग दरबारी जैसा कालजयी उपन्यास देने वाले मशहूर साहित्यकार , ज्ञानपीठ पुरस्कार और पद्मभूषण से सम्मानित श्रीलाल शुक्ल जी को इस आर्टिकल के रूप में हमारी श्रद्धांजली एक कोशिश । पिछले वर्ष अक्तूबर 28 को लखनऊ में उनका देहांत हुआ था , जो पूरे हिन्दी साहित्य जगत के लिए एक बहुत दुखत घटना थी ।
"श्रीलालजी एक ऐसे साहित्यकार थे जो बहुत ही अध्ययनशील और मननशील रहे और जिहोंने अपने उपन्यासों में समाज के हर वर्ग का, हर परिवर्तन का और हर स्तर का वर्णन किया.
A Symbol of Patriotism - गणेशशंकर विद्यार्थी
- Details
- Hits: 191
साहित्य और समाज का संबंध हमेशा से ही बहुत गहरा रहा है। समाज को सही राह पर अग्रसर रखने और व्याप्त कमियों को समझने के लिए साहित्य ने बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वाधीनता संग्राम की ज्वाला को प्रज्वलित रखने में साहित्यकारों के योगदान को कभी भी कम नहीं आंका जा सकता।
भोजपुरी के तुलसीदास - जनकवि बावला
- Details
- Hits: 234

जनकवि बावला , रामजियावन दास , भोजपुरी काव्य के तुलसीदास के जीवन और उनके रचनाओ पर आधारित एम अफसर खान 'सागर' का एक विशेष आर्टिकल । भारत की भीतर कई एसे साहित्यिक रत्न हैं जिनके कार्य प्रेरणा और गौरव का प्रतीक हैं उन्हीं में से एक एक जनकवि बावला हैं । भोजपुरी काव्य में जो जन कल्याण की भावना दिखती हैं , जनकवि बावला उस भावना के रचियता हैं । उनकी रचनाओ में उनकी समाज के प्रति सेवा भाव साफ तौर पर झलकता हैं ।
A Legend : Sachchidananda Hirananda Vatsyayana 'Agyeya'
- Details
- Hits: 502

हिन्दी संहित्य के महान प्रतिभासम्पन्न कवि, शैलीकार, कथा-साहित्यकार सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन "अज्ञेय" को , उनके जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में उनके जीवन पर आधारित एक विशेष आर्टिकल और इसके माध्यम से हमारी “ अज्ञेय ” को एक भावभिनी श्रद्धांजली और उनकी कविताओ को शत शत नमन।
सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन "अज्ञेय" एक एसे नाम हैं जिनहोने एक समय हिन्दी साहित्य की पूरी दिशा ही बदल दी ।
Intriguing Calcutta!
- Details
- Hits: 239

'My Calcutta Diary' by Atul Kumar Thakur
(Writer is New Delhi based journalist,Book Critic,a writer in progress and our special contributor..he also blogs at here )
I have been sharing a very intense but imaginative sort of relationships with the city of joy (Calcutta); my charm for this bewildering city basically emerged from the Bangla literature, Music and great Cinematic movement which simultaneously spells bounded me for greater ties. Indeed I bestowed too much intellectually from the legacy of this city which imparts me fresh vision to see the things in greater context.
दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोग जनकवि वंशीधर को भुला बैठे!
- Details
- Hits: 260

सौजन्य - अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी ( batkahi.com / awadh.org )
" वंशीधर शुक्ल जी ने अवधी और हिन्दी दोनों में प्रभूत मात्रा में लिखा है। अवधी वंशीधर जी की मातृभाषा है। एक सच्चे जनकवि की तरह उन्होंने अपनी मादरी जुबान में लिखकर जन-जन तक जाने का कार्य लोकभाषा अवधी के जरिये किया। हिन्दी भारत की संपर्क भाषा है अस्तु उन्होंने हिन्दी में भी लिखा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वंशीधर शुक्ल की चर्चा नहीं के बराबर की जाती । वंशीधर के जीवन पर आधारित दिनेश त्रिपाठी ‘शम्स’ का विशेष आर्टिकल । "