Brihad Aadhunik Kala Kosh

 

 
'बृहद आधुनिक कला कोश'(Brihad Aadhunik Kala Kosh) Authorविनोद भारद्वाज
 
'बृहद आधुनिक कला कोश' इसमें आधुनिक कला के सम्बन्ध में सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ एक जगह पर एकत्रित की गयी हैं ।  कला प्रेमी पाठक और कलाकार के लिए यह एक इनसाइक्लोपीडिया की कमी को पूरा करती है । 
आधुनिक भारतीय कला के विकास, उसकी आधारभूत बहसों, चुनौतियों, उपलब्धियों, दस्तावेजों आदि का यह एक अभूतपूर्व और प्रामाणिक संकलन है ।  हिन्दी में ही नहीं अंग्रेजी सहित किसी दूसरी भारतीय भाषा में ऐसा कोश अद्वितीय है । क्योंकि यह आधुनिक कला के अब तक के विकास का एक प्रतिनिधि संकलन नये बृहद् रूप में पहली बार प्रस्तुत है ।  इसमें भारतीय आधुनिक कला और पश्चिमी आधुनिक कला के इतिहास का एक अलग तरह का परिचय और विश्लेषण शामिल है ।  भारतीय आधुनिक कला को उसकी समग्रता में जानने के लिए पश्चिमी आधुनिक कला के विकास को जानना और जाँचना जरुरी है ।  
 
इस कोश में  विनोद भारद्वाज के तीस वर्षों के लेखन के अलावा हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ कला लेखन के नमूने शामिल हैं ।  हिन्दी का कुछ दुर्लभ कला लेखन खोज कर 'दस्तावेज' खण्ड में शामिल किया गया है ।  सिर्फ कला ही नहीं -किसी भी रचनात्मक विधा को उसकी समग्रता में समझने के लिए यह कोश अनिवार्य है ।  कविता, कला, सिनेमा, आदि सभी आधुनिक विधाओं की आवाजाही हमारे समय में महत्वपूर्ण हो गयी है ।  यह कोश इस महत्व को रेखांकित करता है ।  कोश में राजा रवि वर्मा से शुरू हो कर आज के अनेक युवा कलाकारों की सूची बहुत खोज और शोध के बाद शामिल की गयी है ।  आधुनिक भारतीय कला के अध्येता निश्चय ही इस सूची को उपयोगी पायेंगे।  तमाम दुर्लभ राष्ट्रीय, अन्तरराष्ट्रीय कैटलागों, किताबों और पत्रिकाओं की मदद से तैयार की गयी यह सूची आधुनिक भारतीय कला के दरवाजे खोलने की एक कुंजी भी साबित हो सकती
है ।
 

पुस्तक के अनुक्रम 

पश्चिम में आधुनिक कला का इतिहास
आधुनिक भारतीय कला का विकास : कलाकारों के आईने में (जिसमें 50 हस्ताक्षरों को सम्मिलित किया गया है)
समकालीन भारतीय कला की दशा-दिशा 
कला और उसका बाज़ार 
राजा रवि वर्मा से आज तक 
कवि और कलाकार 
दस्तावेज 

लेखक  के सन्दर्भ में.

 

कविता के लिए भारतभूषण अग्रवाल स्मृति पुरस्कार और सर्जनात्मक लेखन के लिए संस्कृति पुरस्कार से पुरस्कृत हस्ताक्षर विनोद भारद्वाज का जन्म 7 अक्टूबर, 1948 को लखनऊ में हुआ । लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान में एम.ए. किया ।  सन 1967-69 में हिन्दी में आधुनिक कविता और कला की बहुचर्चित लघु पत्रिका 'आरम्भ' का सम्पादन किया । 1973 में टाइम्स ऑफ़ इंडिया ग्रुप के हिन्दी प्रकाशनों से पत्रकार के रूप में जुड़े । मुम्बई के नवभारत टाइम्स और धर्मयुग में प्रारम्भिक प्रशिक्षण के बाद 'दिनमान' साप्ताहिक के सम्पादकीय विभाग से जुड़े । टाइम्स ग्रुप में 25 साल काम करने के बाद 1998  से स्वतन्त्र लेखन । इन दिनों 'आउटलुक' साप्ताहिक के फ़िल्म समीक्षक और 'सहारा समय' के कला स्तम्भ लेखक हैं ।  
 
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